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45 दिनों में कर्ज़ मुक्ति: वह चुनौती जो आपकी पूरी कहानी बदल देगी

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मुंबई: आज के दौड़ते-भागते जिंदगी में, गगनचुंबी इमारतों और चमकती लाइफस्टाइल के पीछे एक अनदेखी जंजीर है जिसने लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों को जकड़ रखा है, यह है ‘बकाया कर्ज़’ (Unsettled Debt)। यह सिर्फ बैंक के खाते में लिखा एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि जैसा कि कहा जाता है, कर्ज़ की कीमत सिर्फ पैसों में नहीं, बल्कि आपके सुकून और रिश्तों के रूप में चुकानी पड़ती है। यह वह ‘अनदेखी जंजीर’ है जिसकीखनक सिर्फ वही सुन सकता है जो रात को करवटें बदलता है, इस डर से कि सुबह होते ही रिकवरी एजेंट का फोन फिर बज उठेगा या वे घर तक आ पहुंचेंगे।

एक समय था जब कर्ज़ को ‘मेहमान’ समझा जाता था जो आता था और चला जाता था। लेकिन आज क्रेडिट कार्ड, बीएनपीएल (Buy Now Pay Later) और आसान पर्सनल लोन की चकाचौंध में, यह मेहमान कब घर का मालिक बन बैठता है, पता ही नहीं चलता। बैंक के मैसेज का डर, अनजा ननंबर से घबराहट, और हर पल यह चिंताकि “लोग क्या कहेंगे?”

“कर्ज़ की समस्या गणित की नहीं, बल्कि गरिमा की है। ‘Break the Debt Chain’ (कर्ज़ की जंजीर तोड़ें) पहल के जरिए, हम सिर्फ लोन सेटल नहीं कर रहे, बल्कि हम लोगों को उनकी खोई हुई नींद और सम्मान वापस लौटा रहे हैं। हमारा मानना है कि हर किसी को अपनी गलती सुधारने और एक नई शुरुआत करने का दूसरा मौका मिलना चाहिए, और वह भी बिना किसी शर्मिंदगी के।” – Harish Parmar, संस्थापक, Settle My Loan

यह कोई काल्पनिक बात नहीं है, बल्कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर की एक कड़वी सच्चाई है। आरबीआई (RBI) के आंकड़ों और बाज़ार के रुझानों को देखें तो रिटेल लोन का एनपीए (NPA) लगातार बढ़ रहाहै। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट्स मेंसालाना  28%  तक की वृद्धि देखी गई  है और डेलिंक्वेंसी रेट (Delinquency Rate) 7.6%के चिंताजनक स्तर तक पहुंच गया है। लाखों लोग चाहते हु ए भी अपनी देनदारियां चुकाने में असमर्थ हैं क्योंकि उनके पास सही जानकारी और कोई मध्यस्थ (Mediator) नहीं है जो उनकी त बैंक तक सही तरीके से पहुंचा सके।

संतोष (परिवर्तित नाम), एक 40 वर्षीय सेल्स मैनेजर, अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ खुशहाल जीवन जी रहेथे। अचानक कंपनी बंद होने से उनकी नौकरी चली गई।बचत खत्म हो गई और ईएमआई बाउंस होने लगीं।रिकवरी एजेंटों के फोन ने उनका जीना हराम कर दिया।वह इतने शर्मिंदा थे कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों से मिलना बंद कर दिया।उन्हें लगने लगा कि उनका जीवन अब सिर्फ ब्याज चुकाने के लिए रह गया है।

तभी उन्हें Settle My Loan के बारे में पता चला।झिझकते हुए उन्होंने संपर्क किया।वहां उन्हें आलोचना नहीं, बल्कि समाधान मिला। उनके कई लोन खातों पर 75% तक की छूट (Waiver) हासिल की गई। जैसे, ₹7.39 लाख का कर्ज़ मात्र ₹1.86 लाख में सेटल हुआ।आज वे डर के बिना एक नई शुरुआत कर रहे हैं। रमेश की कहानी आज उन हजारों लोगों की कहानी है जो यह मान बैठे हैं कि कर्ज़ ही उनकी नियति है।

यह अनदेखी जंजीर गहरी है, लेकिन Settle My Loan द्वारा शुरू किया गया  45-Day Loan Settlement Challenge इस अंधेरे में उम्मीद की किरण है। इसकी शुरुआत एक ‘फ्री कंसल्टेशन’ (Free Consultation) और आपके वित्तीय अंतर (Financial Gap) के विश्लेषण से होती है। यह चुनौती इस विश्वास पर आधारित है कि कर्ज़से मुक्ति के लिए आपको सालों इंतजार करने की जरूरत नहीं है।

‘Break the Debt Chain – Begin Again Challenge’ मुख्य रूप से तीन मजबूत स्तंभों पर टिका है।

पहला स्तंभ है ‘सुरक्षा कवच’ (The Shield): कर्ज़ में डूबे व्यक्ति की सबसे बड़ी समस्या पैसा नहीं, बल्कि मानसिक प्रताड़ना (torture) है।जैसे ही कोई इस 45 दिनों की चुनौती को स्वीकार करता है और प्राधिकरण (Authorization) पर हस्ताक्षर करता है, Settle My Loan सबसे पहले उसे रिकवरी एजेंटों के अवैध दबाव और Harassment से कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।लेनदारों (Creditors) को तुरंत सूचित किया जाता है, जिससे Harassment कम हो जाती है या कानूनी रूप से प्रबंधित किया जाता है। इससे व्यक्ति को तुरंत मानसिक शांति मिलती है और वह डर के साये से बाहर आता है।

दूसरा स्तंभ है ‘विशेषज्ञ मध्यस्थता’ (Expert Negotiation): एक आम आदमी के लिए बैंक की जटिल भाषा समझना मुश्किल होता है। यहाँ Financial Experts आप की ओर से बैंक के साथ टेबलपर बैठते हैं।ये विशेषज्ञ आरबीआई (RBI) के दिशानिर्देशों का उपयोग करते हुए बातचीत करते हैं। जो बैंककल तक आपकी बात सुनने को तैयार नहीं था, विशेषज्ञों के हस्तक्षेप से वही बैंक आपके वास्तविक हालात को समझकर ‘लोन सेटलमेंट’ के लिए तैयार होता है, जिसमें अक्सर कर्ज़ में 40% से 70% तक की कमी (Debt Reduction) भी संभव हो पाती है।

तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है ‘नई शुरुआत’ (The Re-boot): इसका उद्देश्य 45 दिनों के भीतर एक सम्मानजनक राशि पर समझौता सुनिश्चित करना है।लेकिन इससे पहले, हमारी एक्सपर्ट टीम आपके खिलाफ आए सभी कानूनी नोटिस (Legal Notices) और आर्बिट्रेशन (Arbitration) की कार्यवाही को संभालती है और उनका जवाब देती है। जब इन सभी कानूनी उलझनों को सुलझाकर आपके हाथ में बैंक से मिला “No Due Certificate” आता है, तो वह केवल कर्ज़ मुक्ति नहीं होती, बल्कि आपके जीवन का ‘री-बूट’ होता है। इतना ही नहीं, सेटलमेंट के बाद आपको अपना क्रेडिट स्कोर फिरसे बनाने के लिए विशेषज्ञ सलाह भी मिलती है। ताकि आप 2026 की शुरुआत अपने परिवार के साथ जश्न मनाते हुए और कर्ज़ मुक्त जीवन के साथ कर सकें।

यह लड़ाई सिर्फ आपकी अकेले की नहीं है।अगर आप या आपका कोई अपना इस जाल में फंसा है, तो याद रखें गलती होना इंसान की फितरत है, लेकिन उसे सुधारना ही असली जीत है। Settle My Loan की यह 45 दिनों की चुनौती आपके जीवन की कहानी को फिर से लिखने का वह कोरा कागज है, जिस पर आप ‘कर्ज़’ नहीं, बल्कि ‘आज़ादी’ लिख सकते हैं।

आइए, इस Challenge का हिस्सा बनें।अपने आसपास देखें, अगर कोई खामोश है, परेशान है, तो उसे बताएं कि अब कर्ज़ की जंजीर तोड़ने का समय अब आ गया है।

Ghanshyam Jadhav 

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