आज कृषि क्षेत्र कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। खेती योग्य जमीन लगातार कम हो रही है, खेती की लागत बढ़ रही है, उर्वरकों की सप्लाई अनिश्चित बनी हुई है और पर्यावरण के अनुकूल खेती की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा महसूस की जा रही है। ऐसे समय में किसानों से उम्मीद की जाती है कि वे कम संसाधनों में ज्यादा उत्पादन करें और पर्यावरण पर भी कम असर डालें।
इसी बदलते दौर में SML लिमिटेड ने खुद को नई तकनीकों, टिकाऊ खेती और किसान-केंद्रित विकास के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाई है। इस बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं SML लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर बिमल शाह, जिनका फोकस पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग, सुरक्षित फसल सुरक्षा तकनीकों और लंबे समय तक टिकाऊ कृषि व्यवस्था तैयार करने पर है।
श्री दीपक शाह द्वारा सल्फर आधारित कंपनी के रूप में शुरू की गई SML आज 80 से अधिक देशों में काम करने वाली वैश्विक कृषि समाधान कंपनी बन चुकी है। फसल सुरक्षा, फसल पोषण, बायोलॉजिकल उत्पादों और पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग (Nutrient Use Efficiency) जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए कंपनी न केवल खेती की मौजूदा चुनौतियों का समाधान कर रही है, बल्कि खाद्य सुरक्षा, मिट्टी की सेहत और टिकाऊ खेती जैसे बड़े विषयों में भी योगदान दे रही है।
नई सोच की विरासत को आगे बढ़ाना
बिमल शाह के लिए लीडरशिप सिर्फ पारिवारिक बिज़नेस संभालने की जिम्मेदारी नहीं थी, बल्कि एक बड़ी सोच और जिम्मेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर भी था। बचपन से ही कंपनी के माहौल में रहने के कारण उन्होंने SML की कार्यशैली और भारतीय कृषि से उसके गहरे जुड़ाव को करीब से समझा।
वह कहते हैं, “मेरे लिए यह सफर एक मजबूत विरासत को आगे बढ़ाने और इस विश्वास के साथ काम करने का रहा है कि विज्ञान पर आधारित और किसान-केंद्रित समाधान बड़े स्तर पर कृषि को बदल सकते हैं।”
उन्होंने अपने पिता को SML को एक तकनीकी सोच वाली स्टार्टअप से भारत की सम्मानित एग्रोकेमिकल कंपनियों में बदलते हुए देखा। कंपनी की “More from Less” यानी “कम संसाधनों में ज्यादा परिणाम” की सोच ने उन पर गहरा असर छोड़ा। उनके लिए तकनीक का मतलब सिर्फ ज्यादा उत्पादन नहीं, बल्कि टिकाऊ तरीके से बेहतर खेती करना था।
इसी सोच ने उनकी पढ़ाई और करियर दोनों को दिशा दी। अमेरिका में कृषि और मृदा विज्ञान (Soil Science) की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह भारत लौटे और कंपनी के हर हिस्से में काम किया। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, फॉर्मुलेशन और अलग-अलग कृषि क्षेत्रों में किसानों के साथ काम करके खेती की वास्तविक चुनौतियों को समझा। इसी अनुभव ने उनकी लीडरशिप सोच को आकार दिया।
वह कहते हैं, “मेरे लिए पहला बड़ा अनुभव यह समझना था कि मेरे पिता ने सिर्फ एक कंपनी नहीं बनाई थी, बल्कि विज्ञान और मूल्यों पर आधारित, बिना कर्ज वाली एक कृषि कंपनी तैयार की थी।”
जब उन्होंने नेतृत्व संभाला, तब कृषि उद्योग तेजी से बदल रहा था। नियम सख्त हो रहे थे, पर्यावरण से जुड़ी अपेक्षाएँ बढ़ रही थीं, प्रतिस्पर्धा तेज हो रही थी और वैश्विक सप्लाई चेन भी बदल रही थी। ऐसे समय में उन्होंने तेज़ी से विस्तार करने के बजाय फसल सुरक्षा और पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग पर आधारित नई तकनीकों को मजबूत बनाने का रास्ता चुना।
लेकिन उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात किसानों की बात सुनना थी।
वह बताते हैं, “एक और बड़ा मोड़ तब आया जब किसानों से बार-बार यह सुनने को मिला कि वे ऐसे समाधान चाहते हैं जो ज्यादा समय तक असर करें, इस्तेमाल में सुरक्षित हों और बार-बार छिड़काव की जरूरत न पड़े। इसी फीडबैक ने हमें नई पेटेंट तकनीकें विकसित करने की प्रेरणा दी। तभी मुझे भरोसा हुआ कि असली बदलाव खेत से शुरू होता है।”
SML का बदलता सफर
1971 में सल्फर मिल्स के नाम से शुरू हुई SML की शुरुआत एक साफ उद्देश्य के साथ हुई थी—विज्ञान की मदद से खेती से जुड़ी वास्तविक समस्याओं का समाधान करना। समय के साथ कंपनी लगातार आगे बढ़ती रही और सिर्फ सल्फर आधारित कारोबार तक सीमित रहने के बजाय कृषि समाधान देने वाली एक बड़ी कंपनी बन गई। आज फॉर्मुलेशन टेक्नोलॉजी में उसकी मजबूत पहचान है।
आज SML गुजरात में कई आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स चला रही है और दुनिया भर में एक करोड़ से ज्यादा किसानों तक अपनी सेवाएं पहुंचा रही है। कंपनी के पोर्टफोलियो में फसल सुरक्षा, फसल पोषण, बायोलॉजिकल उत्पाद, आधुनिक फॉर्मुलेशन और पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग वाली तकनीकें शामिल हैं। इनका उद्देश्य खेती की उत्पादकता बढ़ाना और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम करना है।
कंपनी की ग्रोथ के पीछे उसकी फॉर्मुलेशन आधारित सोच सबसे बड़ी ताकत रही है। वर्षों के दौरान SML ने Water Dispersible Granules (WG), DryCaps, Suspension Concentrates, Micro-encapsulation और SRT व ORT जैसी आधुनिक Nutrient Use Efficiency (NUE) तकनीकों को विकसित किया है।
आज कंपनी के पास 950 से ज्यादा पेटेंट, सात मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और दुनिया की सबसे बड़ी WG और CS उत्पादन क्षमताओं में से एक है। यही वजह है कि SML सिर्फ अधिक उत्पादन करने वाली कंपनी नहीं, बल्कि नई तकनीकों के दम पर आगे बढ़ने वाली वैश्विक कृषि कंपनी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है।
बिमल शाह कहते हैं, “SML हमेशा से विज्ञान और नई तकनीकों पर आधारित कंपनी रही है। एक समय हमें यह समझ आया कि हम भारत में ऐसी फॉर्मुलेशन तकनीकों पर काम कर रहे हैं जो अपने समय से काफी आगे थीं। उस दौर में भारतीय तकनीक की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को दुनिया के सामने साबित करने का यह बड़ा अवसर था।”
इसी सोच ने कंपनी की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत किया। आज SML की आधे से ज्यादा आय निर्यात से आती है। ब्राज़ील और तुर्की जैसे देशों में उसके अपने कार्यालय हैं, जबकि एशिया, यूरोप, अमेरिका और लैटिन अमेरिका के कई देशों में कंपनी की मजबूत मौजूदगी है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, कंपनी ने ग्रीन केमिस्ट्री और नई कृषि तकनीकों पर काम करने के लिए एक विशेष डिस्कवरी सेंटर भी बनाया है। यहां नई रासायनिक तकनीकों (NCEs) और ऐसे समाधानों पर काम किया जा रहा है जो पर्यावरण पर कम असर डालें और खेती को ज्यादा सुरक्षित व प्रभावी बनाएं।
“कम संसाधनों में ज्यादा परिणाम” की सोच
आज किसान बढ़ती लागत, मिट्टी की खराब होती गुणवत्ता, पानी की कमी और मौसम की अनिश्चितता जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। SML की पूरी रिसर्च और नई तकनीकों का फोकस किसानों को कम संसाधनों में बेहतर उत्पादन देने में मदद करना है।
कंपनी फसल सुरक्षा, फसल पोषण और बायोलॉजिकल समाधानों को एक साथ जोड़कर ऐसे समाधान तैयार करती है, जिनसे कम संसाधनों में ज्यादा उत्पादन संभव हो सके।
फसल सुरक्षा के लिए कंपनी फफूंदनाशक, कीटनाशक और खरपतवारनाशक उत्पाद बनाती है, जिन्हें WG और DryCaps जैसी आधुनिक फॉर्मुलेशन तकनीकों के जरिए तैयार किया जाता है। इससे उत्पाद ज्यादा असरदार होते हैं, उनका इस्तेमाल सुरक्षित रहता है और सॉल्वेंट का उपयोग भी कम होता है।
इसके साथ ही, SML पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग पर भी लगातार काम कर रही है। SRT और ORT जैसी तकनीकों की मदद से कंपनी ऐसे समाधान तैयार कर चुकी है जिनसे पारंपरिक NPK और पानी में घुलने वाले उर्वरकों की जरूरत कम हो जाती है, जबकि फसल की पैदावार बढ़ती है।
कंपनी के अनुसार, इन तकनीकों से किसान पारंपरिक उर्वरकों का उपयोग 25 से 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं और उत्पादन में 10 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है।
बिमल शाह कहते हैं, “हम सिर्फ उत्पाद नहीं बेचते। हमारा उद्देश्य किसानों और पूरी खाद्य व्यवस्था के लिए ऐसे समाधान देना है जो लंबे समय तक टिकाऊ और वास्तविक परिणाम देने वाले हों।”
इसी दिशा में कंपनी बायोलॉजिकल उत्पादों और बायोस्टिमुलेंट्स पर भी काम कर रही है, जो पौधों की सहन क्षमता बढ़ाने, रासायनिक उपयोग कम करने और मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद करते हैं। किसी भी नई तकनीक को बाजार में लाने से पहले SML कई मौसमों तक फील्ड ट्रायल और वैज्ञानिक परीक्षण करती है, ताकि किसानों को हर परिस्थिति में भरोसेमंद परिणाम मिल सकें।
बिमल शाह कहते हैं, “मैं अपने पिता से मिली ‘More from Less’ की सोच से बहुत प्रभावित हूँ। इसी वजह से हम रिसर्च, कई मौसमों तक परीक्षण और वैज्ञानिक प्रमाणों पर धैर्य के साथ काम करते हैं। जब कोई समाधान हर स्तर पर सफल साबित होता है, तभी हम उसे बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंचाते हैं।”
पोषण पर आधारित खेती की दिशा में कदम
खेती की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ, SML का लंबे समय का लक्ष्य बेहतर पोषण वाली कृषि को बढ़ावा देना भी है। कंपनी का मानना है कि अच्छी खेती का मतलब सिर्फ ज्यादा उत्पादन नहीं, बल्कि ऐसी फसलें उगाना भी है जो लोगों को बेहतर पोषण दे सकें।
बिमल शाह का कहना है कि भारत सरकार का SEHAT मिशन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिस पर SML कई वर्षों से काम कर रही है। बायोफोर्टिफाइड फसलों, पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग वाली तकनीकों और आधुनिक फॉर्मुलेशन के जरिए कंपनी फसलों की गुणवत्ता सुधारने पर लगातार काम कर रही है।
वह कहते हैं, “हमारी सोच हमेशा से साफ रही है। अगर हमारे खाने का महत्व है, तो उसे उगाने का तरीका उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसलिए सही फॉर्मुलेशन और सही पोषण के जरिए हम वर्षों से भारत में फसलों की पोषण गुणवत्ता बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं।”
पिछले कई वर्षों से SML किसानों के बीच जागरूकता कार्यक्रम, खेतों में प्रदर्शन (फील्ड डेमो) और वर्ल्ड न्यूट्रिशन डे जैसे अभियानों के माध्यम से पोषण आधारित खेती और बायोफोर्टिफिकेशन को बढ़ावा देती रही है।
बिमल शाह कहते हैं, “हमारे लिए SEHAT कोई नई मंजिल नहीं है। यह उस दिशा में किए गए हमारे वर्षों के काम की राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है।”
बदलते कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का सामना
पिछले कुछ वर्षों में कृषि क्षेत्र कई बड़े बदलावों से गुजरा है। सख्त नियम, वैश्विक सप्लाई चेन की अनिश्चितता, जलवायु परिवर्तन और टिकाऊ खेती की बढ़ती जरूरतों ने पूरे उद्योग को प्रभावित किया है। लेकिन SML ने इन चुनौतियों को रुकावट नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का अवसर माना।
फसलों में रासायनिक अवशेष, कीटों में बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े सख्त नियमों ने कंपनी को और सुरक्षित तथा टिकाऊ तकनीकों पर तेजी से काम करने के लिए प्रेरित किया।
बिमल शाह बताते हैं, “हमने फॉर्मुलेशन साइंस, DryCaps, आधुनिक WG तकनीक, माइक्रोनाइजेशन और बायोलॉजिकल समाधानों पर ज्यादा निवेश किया, ताकि कम मात्रा में इस्तेमाल होने वाले, ज्यादा सुरक्षित और बेहतर प्रदर्शन करने वाले उत्पाद विकसित किए जा सकें। इससे नए नियमों का पालन करना आसान हुआ और पर्यावरण पर असर भी कम हुआ।”
उर्वरकों की वैश्विक कमी और सप्लाई चेन में आई दिक्कतों ने भी खेती को प्रभावित किया। इसके जवाब में SML ने अपनी हाई-NUE तकनीकों पर तेजी से काम बढ़ाया। इससे आयातित उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और कम संसाधनों में बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद मिली।
कंपनी के सामने एक और चुनौती थी किसानों के बीच नई तकनीकों और संतुलित पोषण वाले समाधानों को लेकर जागरूकता बढ़ाना। कई किसान नई तकनीक अपनाने में हिचकिचाते थे और जानकारी की कमी भी एक बड़ी वजह थी।
इसे दूर करने के लिए SML ने बड़े स्तर पर खेतों में प्रदर्शन, रिसर्च संस्थानों के साथ साझेदारी और किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए। इन प्रयासों से किसानों का भरोसा बढ़ा और नई तकनीकों को अपनाने में आसानी हुई।
SML सरकार, रिसर्च संस्थानों और इंडस्ट्री के अन्य भागीदारों के साथ मिलकर भी काम करती है, ताकि खेती से जुड़ी समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तैयार किए जा सकें।
बिमल शाह कहते हैं, “जब इंडस्ट्री तेजी से बदल रही हो और नियम लगातार सख्त हो रहे हों, तब पारदर्शी तरीके से मिलकर काम करना ही हमें आगे रखता है। इसी वजह से हमारी हर रणनीति के केंद्र में टिकाऊ खेती रहती है।”
वैश्विक स्तर पर मजबूत होती पहचान
पिछले पाँच दशकों में SML ने एक भारतीय कंपनी से आगे बढ़कर 80 से अधिक देशों में काम करने वाली वैश्विक कृषि समाधान कंपनी के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
कंपनी की इस ग्रोथ के पीछे आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग, नई तकनीकों पर लगातार काम, रणनीतिक साझेदारियाँ और अलग-अलग देशों में सीधी मौजूदगी जैसे कई अहम कारण रहे हैं।
साल 2024 में ब्राज़ील के कैंपिनास शहर में कंपनी का नया ऑफिस शुरू हुआ, जिसने अंतरराष्ट्रीय बाजार में SML की पकड़ को और मजबूत किया। इससे कंपनी को बड़े कृषि बाजारों में ग्राहकों के साथ सीधे जुड़ने और अपनी सेवाएं बेहतर तरीके से देने में मदद मिली।
इसके साथ ही, SML दुनिया की कई बड़ी एग्रोकेमिकल और उर्वरक कंपनियों के साथ मिलकर विशेष फॉर्मुलेशन विकसित कर रही है और लंबे समय की साझेदारियों के जरिए वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रही है।
नई तकनीकों पर लगातार काम करने की वजह से कंपनी को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी मिले हैं। अब तक SML को 40 से ज्यादा पुरस्कार मिल चुके हैं। इनमें FICCI Sustainable Agriculture Award और CII Industrial Innovation Award 2024 प्रमुख हैं, जिसमें कंपनी को भारत की Top 75 Innovative Companies में शामिल किया गया।
व्यक्तिगत स्तर पर भी दोनों पीढ़ियों के नेतृत्व को सम्मान मिला है। कंपनी के संस्थापक दीपक शाह को “Sulphur Man of India” के रूप में पहचान मिली, जबकि बिमल शाह को हाल ही में Business Leader of the Year Awards में “MD of the Year” चुना गया।
लेकिन बिमल शाह के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि कोई पुरस्कार नहीं है।
वह कहते हैं, “मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि हमने SML को सिर्फ एक भारतीय कृषि उत्पाद कंपनी से आगे बढ़ाकर ऐसी संस्था बनाया है जो पूरी दुनिया में टिकाऊ और आधुनिक कृषि समाधान देकर खेती को बदलने का काम कर रही है।”
उनके अनुसार, सबसे बड़ी संतुष्टि इस बात की है कि कंपनी ने यह साबित किया है कि बिज़नेस की ग्रोथ, किसानों की समृद्धि और पर्यावरण की जिम्मेदारी—तीनों साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।
खेती का अगला दौर
खेती अब धीरे-धीरे प्रिसीजन फार्मिंग, डिजिटल सिस्टम और AI आधारित फैसलों की ओर बढ़ रही है। SML भी इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति और काम करने के तरीके को लगातार बेहतर बना रही है।
कंपनी ग्रीन केमिस्ट्री से जुड़े नए नियमों, उर्वरकों की बदलती सप्लाई, टिकाऊ खेती की बढ़ती मांग और दूसरे बड़े बदलावों पर लगातार नजर रखती है। रिसर्च सेंटर, वैज्ञानिक संस्थानों के साथ साझेदारी, किसानों से मिलने वाले अनुभव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिली जानकारी को कंपनी नई तकनीकों में बदलती है।
SML के लिए नई तकनीक का मतलब सिर्फ नया उत्पाद बनाना नहीं है, बल्कि ऐसे मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार करना है जो लंबे समय तक खेती की बड़ी समस्याओं का समाधान कर सकें।
बिमल शाह कहते हैं, “जब हमें लगता है कि खेती में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है, जैसे पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग या ज्यादा सुरक्षित फॉर्मुलेशन की जरूरत, तब हम सिर्फ नया उत्पाद नहीं बनाते। हम DryCaps, हाई-NUE SRT/ORT, बायोलॉजिकल और आधुनिक WG जैसी पूरी तकनीकी प्रणाली विकसित करते हैं।”
डिजिटल क्षेत्र में भी कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है। मिट्टी की जानकारी, कृषि संबंधी आंकड़ों और बाजार से मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल करके किसानों को बेहतर सलाह और सही उत्पाद उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है।
इसके साथ ही, SML एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित कर रही है, जो भविष्य में कंपनी की टीम, किसानों और डिस्ट्रीब्यूटर्स सभी को AI आधारित जानकारी और रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराएगा।
बिमल शाह कहते हैं, “AI, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीकें हमारी ताकत को और बढ़ाने का काम करेंगी। इनकी मदद से हम किसानों की जरूरतों को बेहतर समझ पाएंगे, उन्हें सही सलाह दे पाएंगे और अपने काम को ज्यादा प्रभावी बना पाएंगे। लेकिन हमारे हर फैसले के केंद्र में किसान और खेत की वास्तविक जरूरतें ही रहेंगी।”
लोग, उद्देश्य और आगे बढ़ने की सोच
बिज़नेस की ग्रोथ के साथ-साथ, SML अपने कर्मचारियों के विकास, मजबूत कार्य संस्कृति और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने पर भी बराबर ध्यान देती है। कंपनी का मानना है कि अच्छे लोगों को जोड़ने के लिए सिर्फ अच्छी सैलरी काफी नहीं होती। इसके लिए ऐसा माहौल भी जरूरी है जहाँ लोग सीख सकें, आगे बढ़ सकें और अपने काम का असर महसूस कर सकें।
बिमल शाह कहते हैं, “हम सिर्फ नौकरी नहीं देते, बल्कि लोगों को ऐसा मंच देते हैं जहाँ वे सार्थक योगदान दे सकें।”
इसी सोच के तहत कंपनी में मेंटरशिप, नई स्किल्स सीखने के अवसर और हर व्यक्ति के लिए अलग विकास योजना पर लगातार निवेश किया जाता है। साथ ही, सहयोग और सभी को साथ लेकर चलने वाली कार्य संस्कृति पर भी खास जोर दिया जाता है, ताकि लोग लंबे समय तक कंपनी के साथ जुड़े रहें।
कंपनी का योगदान सिर्फ बिज़नेस तक सीमित नहीं है। SML खेल और युवाओं के विकास के क्षेत्र में भी काम कर रही है।
अपनी CSR सोच “पौधों को संवारने से लेकर सपनों को संवारने तक” के तहत कंपनी ने हाल ही में ASK Foundation24 और Spin & Swing के साथ मिलकर एक क्रिकेट अकादमी शुरू की है। इसका उद्देश्य खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों को प्रोफेशनल ट्रेनिंग और आगे बढ़ने का अवसर देना है।
इसके अलावा, Masterclass Classroom पहल के माध्यम से कंपनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विशेषज्ञों के साथ मिलकर चुने गए खिलाड़ियों को विशेष मार्गदर्शन और उच्च स्तर की ट्रेनिंग भी उपलब्ध करा रही है।
इन पहलों के जरिए SML यह दिखाना चाहती है कि टिकाऊ विकास सिर्फ बिज़नेस की सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में लंबे समय तक सकारात्मक बदलाव लाने से भी जुड़ा है।
भविष्य की खेती की दिशा
बिमल शाह का मानना है कि आने वाले तीन से पाँच वर्षों में कृषि क्षेत्र और अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। बढ़ती आबादी, घटती खेती योग्य जमीन, पर्यावरण से जुड़े सख्त नियम और प्रिसीजन फार्मिंग की बढ़ती जरूरत खेती के तरीके को पूरी तरह बदल देंगे।
इसे ध्यान में रखते हुए, SML अपनी अगली ग्रोथ को तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित कर रही है—एकीकृत कृषि समाधान, डिजिटल खेती और बेहतर क्रियान्वयन क्षमता।
कंपनी अब सिर्फ अलग-अलग उत्पाद देने तक सीमित नहीं रहना चाहती। उसका लक्ष्य ऐसे संपूर्ण कृषि समाधान देना है, जिनमें फसल सुरक्षा, फसल पोषण, बायोलॉजिकल उत्पाद और सलाहकारी सेवाएं शामिल हों। ये समाधान हर फसल, मिट्टी और स्थानीय मौसम की जरूरत के अनुसार तैयार किए जाएंगे।
साथ ही, डिजिटल तकनीकों की मदद से कंपनी प्रिसीजन फार्मिंग को मजबूत करना चाहती है, ताकि किसान सही मात्रा, सही समय और सही तरीके से उत्पादों का उपयोग कर सकें। इससे खेती की लागत और पर्यावरण पर असर दोनों कम होंगे।
इसके अलावा, SML किसानों तक सीधे पहुंच बढ़ाने, कृषि विशेषज्ञों की टीम मजबूत करने और रिसर्च संस्थानों, एग्री-टेक कंपनियों तथा टिकाऊ खेती से जुड़े संगठनों के साथ साझेदारी को और विस्तार देने पर भी काम कर रही है।
लेकिन इन सभी योजनाओं के बीच कंपनी का मूल उद्देश्य वही बना हुआ है।
बिमल शाह कहते हैं, “हम सिर्फ उत्पाद नहीं बेच रहे हैं। हम किसानों को कम संसाधनों में ज्यादा उत्पादन करने में मदद कर रहे हैं—ज्यादा पैदावार, कम जोखिम और पर्यावरण पर कम असर के साथ।”
यही सोच आज भी SML की दिशा तय करती है। कंपनी ऐसी तकनीकों पर काम कर रही है जो किसानों की आय बढ़ाएं, खाद्य सुरक्षा को मजबूत करें, मिट्टी की सेहत सुधारें और आने वाली पीढ़ियों के लिए टिकाऊ खेती का मजबूत आधार तैयार करें।









