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400 वर्गफुट की दुकान से 100 करोड़ से अधिक के कारोबार तक

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कैसे रितेश मोदी ने टेक्सटाइल कारोबार के पुराने नियम बदलते हुए सूरत से Kesaria Textile Company को वैश्विक बाजार तक पहुँचाया।

महत्वाकांक्षा की नई सोच
बदलाव की सोच रखने वाले उद्यमी की कहानी

हर बड़ा औद्योगिक बदलाव किसी कॉर्पोरेट रणनीति से नहीं, बल्कि एक ऐसे सवाल से शुरू होता है जो सोचने पर मजबूर कर दे। रितेश मोदी के जीवन में ऐसा ही एक पल तब आया, जब वे Chartered Accountancy (CA) की अंतिम परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।

यह एक ऐसा करियर था, जिसमें सम्मान भी था और सुरक्षित भविष्य भी। लेकिन उनके दादाजी के साथ हुई एक गहरी बातचीत ने उनकी पूरी जीवन दिशा बदल दी।

उन्होंने रितेश से सिर्फ एक सवाल पूछा—

“CA बनोगे या CA रखोगे?”

यही सवाल उनके भीतर उद्यमिता की एक नई सोच लेकर आया।

रितेश ने सुरक्षित करियर चुनने के बजाय एक कठिन रास्ता चुना। उन्होंने CA का रास्ता छोड़कर पारंपरिक टेक्सटाइल उद्योग में कदम रखा—एक ऐसा क्षेत्र जो बिखरा हुआ था, बेहद प्रतिस्पर्धी था और जहाँ काम करने का कोई व्यवस्थित तरीका नहीं था।

लेकिन उन्होंने यह फैसला बिना तैयारी के नहीं लिया।

वे जानते थे कि भारत जैसे बड़े बाजार को समझने के लिए सिर्फ किताबों का ज्ञान काफी नहीं होगा। इसलिए 2018 से 2020 के बीच उन्होंने अपने खर्च पर पूरे भारत का दौरा किया।

उन्होंने छोटे शहरों की कपड़ों की दुकानों, साप्ताहिक ग्रामीण बाजारों, बड़े होलसेल मार्केट्स और टेक्सटाइल मिलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने छोटे दुकानदारों और घर से बुटीक चलाने वाली महिलाओं की वास्तविक चुनौतियों को करीब से समझा।

उन्हें महसूस हुआ कि पारंपरिक टेक्सटाइल सप्लाई चेन में कई बड़ी समस्याएँ हैं।

बीच में कई स्तरों के Commission Agents, Brokers और Wholesalers जुड़े हुए थे, जिससे उत्पादों की कीमतें बढ़ जाती थीं और छोटे दुकानदारों का मुनाफा कम हो जाता था।

लेकिन उन्हें सबसे बड़ी समस्या कहीं और दिखाई दी।

उन्होंने देखा कि पूरा उद्योग Credit पर माल खरीदने की व्यवस्था पर निर्भर था।

छोटे दुकानदार ऊँची कीमत पर उधार में माल खरीदते थे। इससे उनका पैसा लंबे समय तक फँसा रहता था, वे कुछ चुनिंदा सप्लायर्स पर निर्भर हो जाते थे और कई बार उनके पास ऐसा स्टॉक जमा हो जाता था जिसे वे बेच भी नहीं पाते थे।

भारत भर में किए गए इसी विस्तृत अध्ययन ने उनके बिज़नेस मॉडल की नींव रखी।

रितेश मोदी को समझ आ गया कि इस उद्योग को सिर्फ एक नए व्यापारी की नहीं, बल्कि काम करने के तरीके में बड़े बदलाव की जरूरत है।

इसी सोच के साथ उन्होंने ऐसा बिज़नेस मॉडल तैयार करने का फैसला किया, जिससे छोटे दुकानदार सीधे Factory Price पर सामान खरीद सकें। इसके लिए उन्होंने पूरी तरह पारदर्शी Cash-and-Carry System अपनाने का निर्णय लिया।

यहीं से उस विज़न की शुरुआत हुई, जिसने आगे चलकर सूरत के टेक्सटाइल उद्योग में नई सोच को जन्म दिया।

परंपराओं को नई सोच से बदलना

केसरिया की शुरुआत और 500 वर्गफुट की नई सोच

सप्लाई चेन में बदलाव

पुराना मॉडल:
Factory → Broker → Wholesaler → Local Agent → Credit Trap → Retailer

KTC मॉडल:
Factory → सीधे Retail Shopkeeper तक (बेहतर Cash-and-Carry मुनाफे के साथ)


2021 में, जब बाजार आर्थिक अनिश्चितताओं और उतार-चढ़ाव से गुजर रहा था, तब गुजरात के सूरत में Kesaria Textile Company (KTC) की शुरुआत हुई।

जब कई बड़ी कंपनियाँ अपने कारोबार को सीमित कर रही थीं, उसी समय रितेश मोदी और CFO वत्सल जैन ने एक साहसिक फैसला लिया।

उन्होंने सूरत के व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में सिर्फ 500 वर्गफुट की एक छोटी-सी दुकान से अपना कारोबार शुरू किया।

शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन उसके पीछे की सोच बहुत बड़ी थी—Direct Factory-to-Retail Shop B2B Ecosystem तैयार करना, ताकि टेक्सटाइल कारोबार को ज्यादा पारदर्शी और सभी के लिए सुलभ बनाया जा सके।

इस मॉडल का सबसे बड़ा उद्देश्य था—सप्लाई चेन से हर अनावश्यक बिचौलिये को हटाना।

रितेश मोदी अच्छी तरह समझते थे कि छोटे शहरों के दुकानदार या घर से बुटीक चलाने वाली महिलाएँ बड़े मैन्युफैक्चरर्स द्वारा तय की गई Minimum Order Quantity (MOQ) पूरी नहीं कर सकतीं। इसी वजह से वे कभी भी Factory Price पर सामान नहीं खरीद पाते थे।

Kesaria Textile Company ने इसी समस्या का समाधान निकाला।

कंपनी ने Flexible MOQ के साथ हजारों नए और ट्रेंडिंग Ethnic Wear Designs उपलब्ध कराने शुरू किए, जिससे छोटे दुकानदार भी आसानी से अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी कर सकें।

मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया पर बेहतर नियंत्रण और सूरत की समृद्ध टेक्सटाइल कारीगरी का लाभ उठाते हुए KTC ने साड़ियाँ, कुर्तियाँ, लहंगे और ब्राइडल वियर सीधे दुकानदारों तक Factory Price पर पहुँचाने शुरू किए।

इस मॉडल का सीधा फायदा रिटेलर्स को मिला।

जहाँ पहले उनका मुनाफा सिर्फ 10–15% तक सीमित रहता था, वहीं अब यह बढ़कर 30–40% तक पहुँच गया।

कंपनी ने पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए Advance Payment Only Policy अपनाई।

इससे कारोबार पूरी तरह भरोसे और गुणवत्ता के आधार पर आगे बढ़ा और छोटे दुकानदारों को Credit पर निर्भर रहने की मजबूरी से भी राहत मिली।

कुछ ही समय में 500 वर्गफुट की वह छोटी-सी दुकान सिर्फ एक स्थानीय होलसेल आउटलेट नहीं रही, बल्कि पूरे देश के स्वतंत्र रिटेलर्स को मजबूत बनाने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गई।

नैतिकता, सामाजिक प्रभाव और जिम्मेदार

समाज के प्रति जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व

कॉर्पोरेट सामाजिक पहल

  • सेवानिवृत्त भारतीय सेना के जवानों को टेक्सटाइल कारोबार से जोड़ने की पहल।
  • Akshaya Patra Foundation के साथ मिलकर पोषण अभियान।
  • “Drug-Free Surat” अभियान को सक्रिय सहयोग।
  • Surat Police द्वारा सम्मानित सामाजिक योगदान।

रितेश मोदी का मानना है कि अगर किसी कंपनी की सफलता समाज के विकास से नहीं जुड़ी है, तो वह सफलता अधूरी है।

वे कहते हैं कि किसी भी व्यवसाय की असली पहचान उसके आकार से नहीं, बल्कि इस बात से होती है कि उसने कितने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया।

इसी सोच के साथ, जब 2022 और 2023 के दौरान Kesaria Textile Company तेजी से आगे बढ़ रही थी, तब रितेश मोदी ने Corporate Social Responsibility (CSR) को कंपनी की कार्यसंस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया।

उन्होंने महसूस किया कि टेक्सटाइल उद्योग केवल कारोबार का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का भी प्रभावी जरिया बन सकता है।

समाज के लिए जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व

रितेश मोदी का मानना है कि यदि किसी कंपनी की सफलता समाज के विकास से जुड़ी न हो, तो वह सफलता अधूरी है। उनका विश्वास है कि किसी भी व्यवसाय की असली पहचान उसके टर्नओवर से नहीं, बल्कि इस बात से होती है कि उसने कितने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया।

जब 2022 और 2023 के दौरान Kesaria Textile Company तेज़ी से आगे बढ़ रही थी, तब रितेश मोदी ने Corporate Social Responsibility (CSR) को कंपनी की कार्यसंस्कृति का स्थायी हिस्सा बना दिया।

उन्होंने महसूस किया कि टेक्सटाइल उद्योग केवल कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के पुनर्वास और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का भी एक मजबूत माध्यम बन सकता है।

KTC की सबसे सराहनीय सामाजिक पहलों में से एक सेवानिवृत्त भारतीय सेना के जवानों के लिए शुरू किया गया विशेष कार्यक्रम है।

उन्होंने देखा कि सेना से रिटायर होने के बाद कई जवानों के लिए सामान्य जीवन में दोबारा अपनी पहचान बनाना आसान नहीं होता। इसी को ध्यान में रखते हुए रितेश मोदी ने उनके लिए विशेष Entrepreneurship Program तैयार किया।

इस पहल के तहत KTC उन्हें बिज़नेस शुरू करने से लेकर आगे बढ़ाने तक हर स्तर पर सहयोग देती है। कंपनी Business Mentorship, उनकी जरूरत के अनुसार Inventory Support और Retail Management Training उपलब्ध कराती है, ताकि वे अपना स्वतंत्र कपड़ों का कारोबार सफलतापूर्वक शुरू कर सकें।

इसी के साथ रितेश मोदी ने समाज से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी कंपनी के संसाधनों का उपयोग किया।

KTC ने “Drug-Free Surat” अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई और शहर के युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए। इस जनहित कार्य के लिए Surat Police Department ने उन्हें विशेष Corporate Appreciation Award से सम्मानित किया।

इसके अलावा कंपनी ने Akshaya Patra Foundation के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की है। इस पहल के तहत हजारों जरूरतमंद स्कूली बच्चों के लिए प्रतिदिन पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में आर्थिक सहयोग दिया जाता है, ताकि उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।

कॉर्पोरेट ऑफिस में नियमित Blood Donation Camps आयोजित करने से लेकर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जागरूकता और राहत अभियानों तक, रितेश मोदी ने लगातार यह साबित किया है कि कोई भी आधुनिक स्टार्टअप तेज़ी से आगे बढ़ते हुए भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभा सकता है।

तेज़ विकास की मजबूत नींव

100 करोड़ क्लब तक का सफर

“पारंपरिक रिटेल खत्म नहीं हो रहा है। उसे सिर्फ ऐसे मैन्युफैक्चरर्स की जरूरत है, जो उसके मुनाफे, उसकी डिजिटल जरूरतों और उसकी स्थानीय पहचान का सम्मान करें।”
रितेश मोदी

2024 और 2025 का दौर Kesaria Textile Company के लिए अभूतपूर्व विकास का समय साबित हुआ।

लगातार नए डिजाइनों, Digital Supply Chain Tracking और Data-Driven Inventory Management के दम पर रितेश मोदी ने केवल चार वर्षों में कंपनी को ₹100 करोड़ क्लब तक पहुँचा दिया।

इस असाधारण उपलब्धि के साथ Kesaria Textile Company को भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ता B2B Ethnic Wear Brand माना जाने लगा।

वित्तीय विकास की समयरेखा

2021500 वर्गफुट की दुकान से शुरुआत

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2023कई नई कैटेगरी के कपड़ों में विस्तार

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2025₹100 करोड़ क्लब में प्रवेश और ग्लोबल एक्सपोर्ट नेटवर्क की शुरुआत

तेज़ विकास की मजबूत रणनीति

₹100 करोड़ की उपलब्धि तक का सफर

“पारंपरिक रिटेल खत्म नहीं हो रहा है। उसे सिर्फ ऐसे मैन्युफैक्चरर्स की जरूरत है, जो उसके मुनाफे, उसकी डिजिटल जरूरतों और उसकी स्थानीय पहचान का सम्मान करें।”
रितेश मोदी

2024 और 2025 का दौर Kesaria Textile Company के लिए तेज़ वित्तीय और व्यावसायिक विकास का समय रहा।

नए डिजाइनों पर लगातार काम, Digital Supply Chain Tracking और Data-Driven Inventory Management के दम पर रितेश मोदी ने सिर्फ चार वर्षों में कंपनी को ₹100 करोड़ क्लब तक पहुँचा दिया।

यह उपलब्धि अपने आप में खास थी। इसके साथ ही Kesaria Textile Company को भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला B2B Ethnic Wear Brand का दर्जा मिला।

वित्तीय विकास की समयरेखा

2021500 वर्गफुट की दुकान से शुरुआत

⬇️

2023कई नई कपड़ों की कैटेगरी में विस्तार

⬇️

2025₹100 करोड़ क्लब में प्रवेश और ग्लोबल एक्सपोर्ट नेटवर्क की शुरुआत

इस तेज़ विकास को बनाए रखने के लिए रितेश मोदी ने कंपनी के पोर्टफोलियो का रणनीतिक विस्तार किया।

उन्होंने KTC के तहत तीन नए सब-ब्रांड लॉन्च किए।

Menzaro, जो आधुनिक Men’s Ethnic और Casual Wear पर केंद्रित है।

Kikiboo, जो प्रीमियम और उच्च गुणवत्ता वाले Kidswear की श्रृंखला है।

और Kesaria Bazaar, जो एक ऐसा Retail Franchise Model है, जिसके माध्यम से ग्राहकों को एक ही जगह पर कई कैटेगरी के Direct Factory Collections उपलब्ध कराए जाते हैं।

इस रणनीतिक विस्तार ने KTC को पूरे परिवार के लिए कपड़ों की खरीद का One-Stop Sourcing Destination बना दिया। साथ ही कंपनी ने एक साथ कई अलग-अलग बाजारों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

कंपनी की इस तेज़ प्रगति ने राष्ट्रीय स्तर के उद्योग संगठनों और प्रतिष्ठित संस्थाओं का भी ध्यान आकर्षित किया।

एक भव्य राष्ट्रीय समारोह में रितेश मोदी को Excellence in Rapid Market Growth in Textiles Award से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान उन्हें दो प्रतिष्ठित Padma Shri सम्मान प्राप्त हस्तियों—श्री मथुर सवाणी और आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी—के हाथों प्रदान किया गया।

इसके बाद उन्हें India’s Fastest Growing Textile Company Award और BNI Junoon Excellence Award से भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान कंपनी के शानदार प्रदर्शन, तेज़ विकास और मजबूत बिज़नेस नेटवर्क को देखते हुए दिया गया।

इन सम्मानों ने रितेश मोदी की दूरदर्शी सोच को और मजबूत पहचान दिलाई। साथ ही यह साबित किया कि Kesaria Textile Company ने आधुनिक Digital Startup की गति और पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग की मजबूती—दोनों को सफलतापूर्वक एक साथ जोड़ा है।

टेक्सटाइल क्षेत्र में एक नई पहचान

Doriwala Square और वैश्विक नेटवर्क का विस्तार

रितेश मोदी के बिज़नेस की वास्तविक पहचान को समझने के लिए गुजरात के सूरत स्थित Doriwala Square को देखना जरूरी है।

जिस सफर की शुरुआत 500 वर्गफुट की एक छोटी-सी दुकान से हुई थी, वह आज गुजरात के सबसे बड़े Factory Outlet के रूप में विकसित हो चुका है।

यह पाँच मंज़िला आधुनिक Mega Textile Mall प्रमुख परिवहन मार्गों के पास स्थित है और दुनिया भर से आने वाले Retail Buyers के लिए एक Live Experience Centre की तरह काम करता है।

यहाँ ग्राहक 150 से अधिक कपड़ों की कैटेगरी में उपलब्ध 10,000 से ज्यादा डिजाइनों को स्वयं देखकर, समझकर और अपनी जरूरत के अनुसार चुन सकते हैं।

KTC की मजबूत मौजूदगी

🏢 इंफ्रास्ट्रक्चर: सूरत के Doriwala Square में 5 मंज़िला मेगा मॉल

💼 नेटवर्क: 1 लाख+ ग्लोबल B2B पार्टनर्स

🚀 फ्रेंचाइज़ी: देशभर में 40+ Kesaria Bazaar आउटलेट्स

🌍 मौजूदगी: जयपुर, कानपुर, रायपुर, गाज़ियाबाद, झुंझुनूं सहित कई Tier-1 और Tier-2 शहर

लेकिन यह मेगा मॉल सिर्फ कंपनी की भौतिक मौजूदगी का एक हिस्सा है। इसके पीछे एक कहीं बड़ा और व्यापक बिज़नेस इकोसिस्टम खड़ा है।

रितेश मोदी का उद्देश्य सिर्फ कपड़े बेचना नहीं था। वे स्थानीय दुकानदारों को सफल उद्यमी बनाना चाहते थे। इसी सोच के साथ उन्होंने Kesaria Bazaar Franchise Model तैयार किया।

बहुत कम समय में कंपनी ने देशभर में 40 से अधिक फ्रेंचाइज़ी का मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया।

आज जयपुर, कानपुर, रायपुर, गाज़ियाबाद, झुंझुनूं, इटावा, करनाल, पुसद और कई अन्य शहरों में Kesaria Bazaar के माध्यम से क्षेत्रीय बाजारों को सीधे Factory Products उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

2026 के मध्य तक कंपनी ने अपने इस विस्तार को भारत की सीमाओं से बाहर भी पहुँचा दिया।

नेपाल की राजधानी काठमांडू में Kesaria Bazaar Nepal के रूप में कंपनी ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय Wholesale Franchise शुरू की।

अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की मौजूदगी में हुए इस उद्घाटन ने Cross-Border Textile Logistics के क्षेत्र में कंपनी के लिए एक नया अध्याय शुरू किया।

आज Kesaria Textile Company का सप्लाई नेटवर्क 1 लाख से अधिक Retail Partners और Wholesalers तक पहुँच चुका है।

कंपनी अमेरिका, ब्रिटेन, UAE सहित 40 से अधिक देशों में भारतीय एथनिक फैशन का निर्यात कर रही है।

इस तरह KTC ने सूरत की पारंपरिक टेक्सटाइल कारीगरी को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।

वैश्विक विस्तार की दिशा में

500 करोड़ के लक्ष्य की तैयारी

Vision 2030 Roadmap

वर्तमान स्थिति: ₹100+ करोड़
➡️ 2030 का लक्ष्य: ₹500+ करोड़ वैल्यूएशन

वर्तमान स्थिति: 40+ आउटलेट्स
➡️ 2030 का लक्ष्य: 150+ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइज़ी

भविष्य की ओर देखते हुए यह साफ दिखाई देता है कि रितेश मोदी का सफर अभी केवल शुरुआत है।

उन्होंने यह धारणा बदल दी है कि पारंपरिक उद्योग आधुनिक Tech Startups की गति से आगे नहीं बढ़ सकते।

Digital-First Marketing Strategy, 1 करोड़ (10 Million+) से अधिक सोशल मीडिया कम्युनिटी और कई भाषाओं में उपलब्ध Customer Support के दम पर उन्होंने दुनिया भर में एक मजबूत और भरोसेमंद ग्राहक नेटवर्क तैयार किया है।

Kesaria Textile Company की आगे की रणनीति बिल्कुल स्पष्ट है।

कंपनी का लक्ष्य 2030 तक ₹500 करोड़ का वैल्यूएशन हासिल करना है।

इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अगले कुछ वर्षों में Kesaria Bazaar के 150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइज़ी आउटलेट्स स्थापित करने की योजना है।

इसके साथ ही रितेश मोदी अगली पीढ़ी की Automated Textile Infrastructure और Eco-friendly Manufacturing Technologies में भी बड़े स्तर पर निवेश कर रहे हैं, ताकि टेक्सटाइल उद्योग को Sustainable Fashion की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।

एक समय CA बनने का सपना देखने वाले युवा से लेकर आज वैश्विक स्तर पर टेक्सटाइल सप्लाई चेन को नई दिशा देने वाले CEO बनने तक का रितेश मोदी का सफर आधुनिक भारत के लिए प्रेरणा है।

उन्होंने केवल एक सफल कंपनी नहीं बनाई, बल्कि ऐसा व्यवसाय खड़ा किया है जो लगातार लाखों लोगों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता, नए अवसर और समृद्धि के नए रास्ते तैयार कर रहा है।

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