कई वर्षों तक भारत में घर बदलने (Household Relocation) का क्षेत्र असंगठित और बिखरा हुआ था। सामान की सुरक्षा, समय पर डिलीवरी और भरोसेमंद सेवा को लेकर लोगों के मन में हमेशा चिंता रहती थी। ऐसे समय में, जब इस उद्योग में भरोसा उतना ही महत्वपूर्ण था जितना सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाना, बहुत कम लोगों ने इसे व्यवस्थित और पेशेवर बनाने की कोशिश की।
इन्हीं लोगों में से एक हैं डॉ. अंजनी कुमार अग्रवाल, DRS Group के MD एवं CEO, जिन्होंने Agarwal Packers and Movers – Bade Bhaiya को भारत के सबसे भरोसेमंद रिलोकेशन ब्रांड्स में से एक बनाने में अहम भूमिका निभाई। वर्ष 1993 में पारिवारिक व्यवसाय से जुड़ने के बाद उन्होंने पैकिंग, मूविंग, वेयरहाउसिंग और कस्टमर सर्विस के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए। उनके नेतृत्व में इस उद्योग में बेहतर व्यवस्था, नई सोच और पेशेवर कार्यशैली को बढ़ावा मिला।
घर बदलने की सेवा को भरोसेमंद पहचान देने का सफर
Agarwal Packers and Movers – Bade Bhaiya की शुरुआत 1984 में श्री दयानंद अग्रवाल, जिन्हें सभी प्यार से “बड़े भैया” कहते हैं, ने की थी। उनके विज़न और मेहनत ने एक छोटे से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को भारत के सबसे पहचान वाले रिलोकेशन ब्रांड्स में बदल दिया।
उन्होंने ‘Agarwal Tempo Transport of India’ के नाम से सिर्फ एक ट्रक के साथ शुरुआत की। कड़ी मेहनत, अनुशासित कार्यशैली और ग्राहकों का भरोसा जीतने की सोच के साथ उन्होंने धीरे-धीरे इस कारोबार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
समय के साथ यह सफर DRS Group और आगे चलकर DRS Dilip Road Lines Ltd. तक पहुँचा, जो आज NSE में सूचीबद्ध (Listed) कंपनी है और पूरे देश में अपनी मजबूत मौजूदगी रखती है। आज भी श्री दयानंद अग्रवाल उसी समर्पण और ऊर्जा के साथ संगठन का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
1990 के दशक के मध्य में डॉ. अंजनी कुमार अग्रवाल और संजय अग्रवाल भी इस व्यवसाय से जुड़े। उन्होंने नई सोच और नए दृष्टिकोण के साथ कंपनी को बदलते बाजार के अनुरूप आगे बढ़ाया। दोनों के नेतृत्व ने चुनौतियों को नए अवसरों में बदलने, कारोबार का विस्तार करने और कंपनी को उद्योग में मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस सफर को याद करते हुए डॉ. अग्रवाल कहते हैं कि “हमारे अपने व्यवसाय से बड़ा कोई B-School नहीं हो सकता था।” उनके अनुसार, जो सीख उन्हें मैदान में काम करते हुए मिली, वही उनकी सबसे बड़ी शिक्षा रही।
आज कंपनी 20 लाख से अधिक घरों का सफलतापूर्वक रिलोकेशन कर चुकी है। इसके ग्राहक रक्षा सेवाओं, बैंकिंग, सरकारी विभागों, आईटी कंपनियों और कॉरपोरेट क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों से जुड़े हैं।
कंपनी का नेटवर्क भारत में 1,200 से अधिक स्थानों तक फैला है, जबकि इसकी अंतरराष्ट्रीय रिलोकेशन सेवाएँ लगभग 100 देशों तक पहुँच चुकी हैं। इसी वजह से आज यह रिलोकेशन उद्योग की सबसे भरोसेमंद कंपनियों में गिनी जाती है।
कंपनी की पूरी कार्यप्रणाली तय SOPs (Standard Operating Procedures) और व्यवस्थित प्रक्रियाओं पर आधारित है। 3,000 के करीब प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर्मचारियों, मजबूत शाखा नेटवर्क और उच्च सेवा मानकों के साथ कंपनी आज भी भरोसे, समयबद्ध सेवा और ग्राहक संतुष्टि के लिए जानी जाती है।
इस लगातार बढ़ते और प्रतिस्पर्धी उद्योग में कंपनी की सफलता के पीछे उसकी टीम की मेहनत और वर्षों से ग्राहकों द्वारा जताया गया भरोसा सबसे बड़ी ताकत रहा है।
ब्रांड के पीछे की सोच
1993 में मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉ. अंजनी कुमार अग्रवाल, जिन्हें लोग AK के नाम से भी जानते हैं, अपने परिवार के रिलोकेशन व्यवसाय से जुड़े। उनका उद्देश्य था घर बदलने (Household Relocation) की सेवाओं को अधिक व्यवस्थित, पेशेवर और भरोसेमंद बनाना।
समय के साथ उनकी दूरदर्शी सोच और बेहतर सेवाएँ देने की प्रतिबद्धता ने Agarwal Packers and Movers को पूरे देश में गुणवत्ता, भरोसे और विश्वसनीयता के लिए पहचाना जाने वाला ब्रांड बना दिया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार किया और आज देशभर में 20 लाख वर्गफुट से अधिक वेयरहाउसिंग स्पेस विकसित कर चुकी है।
डॉ. अग्रवाल का मानना है कि “लीडरशिप पद या अधिकार से नहीं, बल्कि आपके काम और उदाहरण से तय होती है।”
वे जिम्मेदारी, अनुशासन और खुद आगे बढ़कर नेतृत्व करने में विश्वास रखते हैं। चाहे व्यवसाय हो या सामाजिक जिम्मेदारियाँ, उनका प्रयास हमेशा टीम को चुनौतियों से सीखने और लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा है।
उनकी नेतृत्व शैली ईमानदारी, टीमवर्क और सेवा की भावना पर आधारित है। वे अपनी सफलता का श्रेय हमेशा पूरी टीम को देते हैं और खुद उदाहरण बनकर नेतृत्व करते हैं।
व्यवसाय के साथ-साथ वे कई सामाजिक और उद्योग संगठनों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं। इनमें Hyderabad Goods Transport Association के अध्यक्ष, All India Transporters Welfare Association (South) के अध्यक्ष, Agarwal Samaj Telangana के अध्यक्ष और Hyderabad Nagarik Sangh के अध्यक्ष जैसी भूमिकाएँ शामिल हैं। वर्तमान में वे All India Transporters Welfare Association के Executive President हैं।
उनका जीवन-दर्शन एक सरल लेकिन प्रेरणादायक विचार पर आधारित है—
“किसी व्यक्ति की मेहनत का सबसे बड़ा पुरस्कार यह नहीं है कि उसे क्या मिला, बल्कि यह है कि उस मेहनत ने उसे क्या बना दिया।”
शिक्षा, नई सोच और समाज सेवा के साथ विस्तार
Agarwal Packers and Movers और DRS Group को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ-साथ डॉ. अंजनी कुमार अग्रवाल ने कई अन्य क्षेत्रों में भी कदम रखा, जहाँ उनका उद्देश्य केवल कारोबार बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी था।
शिक्षा को देश के विकास का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए उन्होंने अपने परिवार के साथ मिलकर 2003 में DRS International School की स्थापना की। इसके बाद 2009 में MDN Edify Education Pvt. Ltd. के माध्यम से Edify प्री-स्कूल और K-12 स्कूल नेटवर्क की शुरुआत की।
आज Edify नेटवर्क के तहत देशभर में लगभग 65 स्कूल संचालित हो रहे हैं, जहाँ 36,000 से अधिक विद्यार्थी आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
शिक्षा के अलावा उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र में भी विस्तार किया और कई आवासीय परियोजनाओं पर काम किया। साथ ही IRA Builders के साथ मिलकर तेलंगाना में प्रीमियम हाई-राइज़ और विला प्रोजेक्ट्स भी विकसित किए।
समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने 2012 में DN Welfare Trust की स्थापना की। इस ट्रस्ट का उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी सुविधाओं में सहयोग देना है। आज यह ट्रस्ट 3,000 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवारों तक अपनी सेवाएँ पहुँचा रहा है।
नई सोच हमेशा से संगठन की पहचान रही है। इसी दिशा में 2015 में कंपनी ने “Chapp Van” पेश की। यह एक विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया वाहन है, जिसमें कार, घरेलू सामान, कलाकृतियाँ, पौधे और पालतू जानवर—सभी को एक ही बार में सुरक्षित तरीके से ले जाया जा सकता है।
इस पहल का उद्देश्य घर बदलने की पूरी प्रक्रिया को ग्राहकों के लिए अधिक आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना था।
इस सफर को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाली उपलब्धियाँ
वर्षों के दौरान डॉ. अंजनी कुमार अग्रवाल और DRS Group ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं, जिन्होंने कंपनी की पहचान और उद्योग में उसकी साख को और मजबूत किया।
कंपनी की सबसे चर्चित पहल “Chapp Van” रही, जिसे 2016 में Limca Book of Records में जगह मिली। इसी इनोवेशन के लिए कंपनी को Institute of Supply Chain Management की ओर से Best Innovation Award भी मिला।
इसके बाद 2018 में इस विशेष वाहन डिज़ाइन को World Book of Records ने भी सम्मानित किया।
इसी वर्ष कंपनी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जब DRS Dilip Road Lines Limited एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनी और NSE Emerge पर सूचीबद्ध हुई। इसी दौरान कंपनी ने हैदराबाद में लगभग 13 लाख वर्गफुट अतिरिक्त वेयरहाउसिंग स्पेस भी विकसित किया।
तकनीक को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए 2020 में कंपनी ने ऑनलाइन व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम और डिजिटल क्लेम सबमिशन जैसी सुविधाएँ शुरू कीं, जिससे ग्राहकों को बेहतर सुविधा और पूरी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता मिली।
वर्ष 2025 में डॉ. अंजनी कुमार अग्रवाल को University of Maryland, USA द्वारा Doctorate in Business Administration की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें व्यवसाय, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।
तकनीक के साथ भविष्य की तैयारी
डॉ. अंजनी कुमार अग्रवाल का मानना है कि बदलते बाजार और ग्राहकों की नई अपेक्षाओं के साथ आगे बढ़ने के लिए तकनीक को अपनाना बेहद जरूरी है। इसी सोच के तहत DRS Group लगातार अपनी कार्यप्रणाली में नई तकनीकों और बेहतर सिस्टम्स को शामिल करता रहा है, ताकि काम की गति, पारदर्शिता और ग्राहकों का अनुभव लगातार बेहतर होता रहे।
आज कंपनी CRM सिस्टम, GPS आधारित व्हीकल ट्रैकिंग, ऑनलाइन ट्रैकिंग, डिजिटल क्लेम सेटलमेंट, फील्ड मॉनिटरिंग ऐप्स और कस्टमर सर्वे जैसे कई डिजिटल सिस्टम्स का उपयोग कर रही है।
ग्राहकों तक समय-समय पर जानकारी पहुँचाने के लिए कंपनी ऑफिशियल WhatsApp सिस्टम का इस्तेमाल करती है। साथ ही, सुरक्षित डिजिटल पेमेंट गेटवे के माध्यम से Zero Cash Payment Policy अपनाई गई है। सभी शाखाओं में CCTV निगरानी और सेंट्रलाइज्ड फ्लीट मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएँ भी संचालन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाती हैं।
आने वाले समय में कंपनी AI आधारित सिस्टम्स को भी अपने काम का हिस्सा बनाने की तैयारी कर रही है। डॉ. अग्रवाल का मानना है कि समय-समय पर नई तकनीकों को अपनाना ही किसी भी संस्था की निरंतर प्रगति का आधार होता है।
वे चुनौतियों को भी व्यवसाय का स्वाभाविक हिस्सा मानते हैं। उनके अनुसार हर चुनौती सीखने, समस्या को बेहतर समझने और संगठन को और मजबूत बनाने का अवसर लेकर आती है। यही सोच DRS Group को बदलते कारोबारी माहौल में लगातार आगे बढ़ने में मदद करती रही है।
हालाँकि, उनका मानना है कि रिलोकेशन उद्योग इस समय कई नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। बैंकों, सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कर्मचारियों के ट्रांसफर बढ़ रहे हैं, लेकिन स्थानांतरित होने वाले सामान की मात्रा धीरे-धीरे कम हो रही है, जिसका असर उद्योग की आय पर पड़ रहा है।
इसके अलावा, प्रशिक्षित पैकर्स और कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता भी इस क्षेत्र की बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसलिए आने वाले समय में स्किल डेवलपमेंट और विशेष प्रशिक्षण इस उद्योग के लिए पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होंगे।
वैश्विक विस्तार की ओर बढ़ते कदम
भारत में अपनी मजबूत मौजूदगी के साथ-साथ Agarwal Packers and Movers ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार विस्तार किया है। आज कंपनी 100 से अधिक देशों में अपने साझेदारों के नेटवर्क और International Association of Movers (IAM) की सदस्यता के माध्यम से वैश्विक रिलोकेशन सेवाएँ प्रदान कर रही है।
कस्टम्स क्लियरेंस से लेकर अंतिम डिलीवरी तक, कंपनी आज दुनिया के कई देशों में एंड-टू-एंड इंटरनेशनल रिलोकेशन सॉल्यूशंस उपलब्ध करा रही है।
आने वाले वर्षों के लिए कंपनी का लक्ष्य रिलोकेशन उद्योग में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करना है। इसके लिए दुनिया के विभिन्न देशों में अपने कार्यालय खोलने, लॉजिस्टिक्स और रिलोकेशन क्षेत्र में रणनीतिक अधिग्रहण (Acquisitions) करने और विभिन्न लॉजिस्टिक्स सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
इस पूरी यात्रा में कंपनी का ध्यान तीन बातों पर लगातार बना हुआ है—नई सोच, ग्राहकों की संतुष्टि और बेहतर संचालन। इन्हीं मूल्यों के साथ Agarwal Packers and Movers वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
नेतृत्व मंत्र
डॉ. अंजनी कुमार अग्रवाल के लिए नेतृत्व का अर्थ है सादगी, पारदर्शिता और लगातार सीखते रहना।
वे कहते हैं,
“मैं अपने व्यवहार में हमेशा सरल, सहज, स्पष्ट और पारदर्शी रहने की कोशिश करता हूँ। किसी भी विषय को बिना किसी डर या पक्षपात के खुले मन से देखता हूँ। यही आदतें मुझे व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तरों पर लगातार आगे बढ़ने में मदद करती हैं।”
उनका मानना है कि मजबूत टीम बनाने के लिए लोगों का उत्साह बढ़ाना और उनके काम की सराहना करना बेहद जरूरी है। वे अपनी टीम को हमेशा चुनौतियों से सीखने और आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करते हैं।
वे अक्सर अपनी टीम से कहते हैं,
“असफलता मंज़िल का अंत नहीं, बल्कि रास्ते का एक मोड़ है। उससे सीखिए और आगे बढ़ते रहिए।”
डॉ. अग्रवाल उन लोगों को सबसे अधिक महत्व देते हैं, जो संगठन को अपना मानकर पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ काम करते हैं।
युवा प्रोफेशनल्स के लिए उनका संदेश भी उतना ही सरल है—
“खुद पर विश्वास रखिए। अपने लक्ष्य के लिए पूरी मेहनत कीजिए। आलोचना को खुद को बेहतर बनाने का अवसर समझिए और हमेशा आगे बढ़ते रहिए। जो काम करें, उसे दिल से करें और वही काम चुनें, जिसे आप सच में पसंद करते हैं।”









