अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सिर्फ सामान भेज देना ही काफी नहीं होता। असली चुनौती तब शुरू होती है, जब विदेश में मौजूद खरीदार से समय पर भुगतान नहीं मिलता। कई बार अलग-अलग देशों के कानून, नियम और प्रक्रियाओं की वजह से भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए अपना पैसा वापस पाना एक लंबी और मुश्किल प्रक्रिया बन जाता है।
इसी समस्या का समाधान करने के लिए एम. अमेंद्र हाउज़र ने एक खास पहचान बनाई है। M.A.H. International Corporation के Chairman और CEO के रूप में वे भारतीय एक्सपोर्टर्स को दुनिया के अलग-अलग देशों से उनका बकाया भुगतान वापस दिलाने और इंटरनेशनल ट्रेड से जुड़े विवादों को सुलझाने में मदद करते हैं।
2003 में स्विट्ज़रलैंड के स्टान्स (Stans) में स्थापित M.A.H. International Corporation आज 181 देशों में अपने पार्टनर लॉ फर्म्स और एजेंट्स के नेटवर्क के साथ काम कर रही है। कंपनी का मुख्य फोकस Cross-Border Debt Recovery और Trade Dispute Resolution पर है। इसका उद्देश्य भारतीय एक्सपोर्टर्स को लंबी कानूनी लड़ाइयों में उलझाए बिना, उनका बकाया भुगतान जल्दी और प्रभावी तरीके से दिलाना है।
कैसे बने Cross-Border Recovery के विशेषज्ञ
एम. अमेंद्र हाउज़र की इस क्षेत्र में शुरुआत इंटरनेशनल बिज़नेस की पढ़ाई से हुई। उन्होंने स्विट्ज़रलैंड की University of St. Gallen से Executive Management की पढ़ाई की, जहाँ उन्होंने International Marketing, Sales और Trade Law पर विशेष ध्यान दिया।
पढ़ाई के दौरान ही उन्हें यह समझ आ गया था कि अलग-अलग देशों में कारोबार करते समय सिर्फ बिज़नेस की जानकारी काफी नहीं होती। वहाँ के कानून, स्थानीय सिस्टम और अलग-अलग कारोबारी संस्कृति को समझना भी उतना ही जरूरी होता है।
इसी दौरान उन्होंने एक और बड़ी समस्या को करीब से देखा। कई भारतीय एक्सपोर्टर्स विदेशों से अपना बकाया भुगतान वापस पाने के लिए सही जानकारी, मजबूत नेटवर्क और कानूनी सहायता के अभाव में परेशान होते थे।
यहीं से M.A.H. International Corporation की शुरुआत हुई। इसका उद्देश्य साफ था—भारतीय एक्सपोर्टर्स को दुनिया के किसी भी देश से उनका बकाया भुगतान वापस दिलाने के लिए विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराना।
M.A.H. International Corporation
जब Export Debt Recovery का क्षेत्र अभी काफी बिखरा हुआ था और इस तरह की विशेषज्ञ सेवाएँ बहुत कम उपलब्ध थीं, उसी समय M.A.H. International Corporation ने भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए इस क्षेत्र में काम शुरू किया। पिछले दो दशकों में कंपनी ने छोटे और मझोले उद्योगों (SMEs), बड़ी कंपनियों और सरकारी संस्थाओं सहित हर तरह के एक्सपोर्टर्स के साथ काम किया है।
कंपनी का पूरा फोकस भारतीय एक्सपोर्टर्स पर है। यह Global Export Debt Recovery और Trade Dispute Resolution जैसी विशेष सेवाएँ देती है। इसकी अनुभवी टीम दुनिया के अलग-अलग देशों में Negotiation और Dispute Resolution के जरिए उन मामलों को भी संभालती है, जहाँ विवाद हो या न हो।
अब तक कंपनी हजारों भारतीय एक्सपोर्टर्स को उनका बकाया भुगतान वापस दिलाने में मदद कर चुकी है। इसी वजह से आज यह Cross-Border Payment Recovery के क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम बन चुकी है।
कोर्ट से पहले बातचीत पर भरोसा
M.A.H. International Corporation की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कंपनी हर मामले को अदालत तक ले जाने के बजाय पहले Negotiation और Mediation के जरिए सुलझाने की कोशिश करती है।
कंपनी “Success-Based – No Win, No Fee” मॉडल पर काम करती है। यानी अगर क्लाइंट का पैसा वापस नहीं आता, तो कंपनी कोई फीस नहीं लेती। इससे एक्सपोर्टर्स पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ता है और कंपनी का अपने काम पर भरोसा भी साफ दिखाई देता है।
पिछले कई वर्षों में M.A.H. ने कई बड़े और जटिल मामलों को सफलतापूर्वक सुलझाया है।
इनमें सबसे प्रमुख मामलों में से एक Jindal Steel Corporation का USD 2.4 Million का विवाद था, जिसे अदालत के बाहर Mediation के जरिए सफलतापूर्वक सुलझाया गया।
कई ऐसे देशों में भी, जहाँ विदेशी मुद्रा की कमी या सरकारी नियमों की वजह से वर्षों से भुगतान अटका हुआ था, कंपनी ने कुछ ही हफ्तों में एक्सपोर्टर्स का बड़ा बकाया वापस दिलाया।
यही व्यावहारिक सोच और तेज़ समाधान देने की क्षमता M.A.H. International Corporation को इस क्षेत्र की अन्य संस्थाओं से अलग बनाती है।
संतुलित सोच के साथ नेतृत्व
एम. अमेंद्र हाउज़र की नेतृत्व शैली की सबसे बड़ी खासियत है लगातार सीखते रहना और ग्लोबल सोच के साथ स्थानीय जरूरतों को समझना। उनका मानना है कि आज के दौर में सफल होने के लिए सिर्फ अपने क्षेत्र की जानकारी होना काफी नहीं है। बदलते बिज़नेस माहौल, नए नियमों और अलग-अलग देशों की कार्यशैली को समझना भी उतना ही जरूरी है।
वे कहते हैं,
“आज के समय में लगातार सीखते रहना और स्थानीय व वैश्विक—दोनों स्तरों पर सोच विकसित करना बेहद जरूरी है।”
उनका यह भी मानना है कि किसी भी बिज़नेस की सफलता सिर्फ मुनाफे से नहीं मापी जानी चाहिए। खासकर छोटे और मझोले एक्सपोर्टर्स, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सबसे ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, उन्हें सही सहयोग देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
यही सोच M.A.H. International Corporation के काम करने के तरीके में दिखाई देती है। कंपनी हर केस को सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं मानती, बल्कि अपने क्लाइंट के बिज़नेस और उसके हितों को ध्यान में रखकर समाधान खोजती है।
मजबूत संस्थाओं के साथ मजबूत साझेदारी
पिछले दो दशकों में M.A.H. International Corporation ने भारत के एक्सपोर्ट इकोसिस्टम से जुड़ी कई प्रमुख संस्थाओं के साथ मजबूत संबंध बनाए हैं।
कंपनी ने Export Credit Guarantee Corporation of India (ECGC), Federation of Indian Export Organisations (FIEO) और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से जुड़ी कई संस्थाओं के साथ मिलकर काम किया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कंपनी की मजबूत पहचान है। यह Swiss-Indian Chamber of Commerce और International Bar Association (London) जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की सदस्य है। इन साझेदारियों ने कंपनी की वैश्विक विश्वसनीयता और नेटवर्क को और मजबूत किया है।
भविष्य की तैयारी
जैसे-जैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे Cross-Border Payments से जुड़े जोखिम भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में बकाया भुगतान की वसूली और ट्रेड विवादों को सुलझाने वाले विशेषज्ञों की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ेगी।
इसी को ध्यान में रखते हुए M.A.H. International Corporation अपनी टीम की क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है। कर्मचारियों को International Trade Practices, Negotiation और Cross-Border Dispute Resolution से जुड़े विषयों पर नियमित ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वे बदलते वैश्विक माहौल के अनुसार बेहतर समाधान दे सकें।
हालाँकि आज हर क्षेत्र में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन एम. अमेंद्र हाउज़र का मानना है कि यह ऐसा क्षेत्र है जहाँ इंसानी अनुभव और समझ सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।
वे कहते हैं,
“यह ऐसा बिज़नेस है जहाँ सफल बातचीत सिर्फ तकनीक से नहीं, बल्कि अनुभव, सही निर्णय और अलग-अलग संस्कृतियों की समझ से होती है।”
भारतीय एक्सपोर्टर्स पर अपना फोकस और मजबूत करने के लिए कंपनी जल्द ही भारत में अपना समर्पित कार्यालय खोलने की भी योजना बना रही है।
आज भी M.A.H. International Corporation का उद्देश्य वही है—भारतीय एक्सपोर्टर्स के वित्तीय हितों की रक्षा करना और दुनिया के किसी भी कोने में फँसे उनके बकाया भुगतान को वापस दिलाने में मदद करना। हजारों एक्सपोर्टर्स के साथ काम करने के बाद कंपनी आज Cross-Border Trade Recovery के क्षेत्र में भरोसे का एक मजबूत नाम बन चुकी है।
नेतृत्व मंत्र
एम. अमेंद्र हाउज़र के अनुसार, अच्छा नेतृत्व लगातार सीखने और अपने क्लाइंट्स के हितों को सबसे ऊपर रखने से शुरू होता है। यही सिद्धांत उनके पूरे करियर का आधार रहा है।
इस क्षेत्र में आने वाले युवा प्रोफेशनल्स और उद्यमियों के लिए उनका संदेश है—
“अगर आप इस क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं, तो इंटरनेशनल बिज़नेस, अलग-अलग देशों के कानून और विभिन्न संस्कृतियों के साथ काम करने का तरीका समझना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही मजबूत रिश्ते बनाइए और हमेशा भरोसे, प्रोफेशनलिज़्म और ईमानदारी के साथ काम कीजिए।”









