BYOND के जरिए भारत की चॉकलेट इंडस्ट्री को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स तक ले जाने की कोशिश
किसी भी सुपरमार्केट की शेल्फ पर नज़र डालें, तो चॉकलेट हर जगह दिखाई देती है। लेकिन इन जानी-पहचानी पैकेजिंग्स के पीछे एक ऐसी सच्चाई भी है, जिसे बहुत कम कंज्यूमर्स पूरी तरह समझते हैं। कई कमर्शियल प्रोडक्ट्स में सब्स्टीट्यूट फैट्स, फिलर्स और कॉस्ट-ड्रिवन फॉर्म्युलेशंस का इस्तेमाल किया जाता है, जहाँ इंग्रीडिएंट की इंटेग्रिटी से ज्यादा अफोर्डेबिलिटी को प्राथमिकता दी जाती है। जैसे-जैसे ऐसे विकल्प बढ़ रहे हैं, कंज्यूमर्स के लिए असली चॉकलेट और केवल चॉकलेट-फ्लेवर वाले सब्स्टीट्यूट के बीच अंतर समझना मुश्किल होता जा रहा है।
चॉकलेट सोर्सिंग, मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट में 14 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले Sirish Kothapally ने इस चुनौती को करीब से देखा। इंडस्ट्री में इसे सामान्य मानकर स्वीकार करने के बजाय उन्होंने कुछ अधिक सोच-समझकर बनाने का फैसला किया—एक ऐसा होमग्रोन ब्रांड जो इंडस्ट्रियल स्केल पर बीन-टू-बार रिगर को अपनाए और भारत के बेहतरीन कोको को क्रिएटर कम्युनिटी तक पहुँचाए। इसी सोच से BYOND की शुरुआत हुई, जो एक प्रीमियम चॉकलेट इंग्रीडिएंट ब्रांड है और शेफ्स, बेकर्स, चॉकलेटियर्स और फूड क्रिएटर्स को ऐसे प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराता है जो कंसिस्टेंसी, सोर्सिंग इंटेग्रिटी और प्रोफेशनल परफॉर्मेंस पर आधारित हैं।
BYOND की नींव
Sirish Kothapally ने चॉकलेट की दुनिया में 14 से अधिक वर्षों के दौरान सोर्सिंग, मैन्युफैक्चरिंग और व्यापक बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी इकोसिस्टम में अपनी एक्सपर्टीज़ विकसित की है। इस अनुभव ने उन्हें चॉकलेट प्रोडक्शन के टेक्निकल पहलुओं के साथ-साथ उन प्रोफेशनल्स की जरूरतों की भी गहरी समझ दी, जो हर दिन चॉकलेट के साथ काम करते हैं।
समय के साथ इसी अनुभव ने एक ऐसे विश्वास को मजबूत किया, जिसने आगे चलकर BYOND की नींव रखी। वह कहते हैं, “मेरा सच में मानना है कि भारत में ऐसी चॉकलेट बनाने की क्षमता है जो ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के बराबर खड़ी हो सके—सिर्फ यूरोपियन ब्रांड्स के सस्ते विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान रखने वाली एक गंभीर, प्रीमियम ताकत के रूप में।”
इसी विज़न के साथ उन्होंने BYOND की स्थापना की। यह एक प्रीमियम चॉकलेट इंग्रीडिएंट ब्रांड है, जो बेकरीज़, कैफेज़, चॉकलेटियर्स, होरेका, डेज़र्ट ब्रांड्स और फूड मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेसेज़ में काम करने वाले प्रोफेशनल क्रिएटर्स को सर्व करता है। कंपनी के पोर्टफोलियो में कूवर्चर और कंपाउंड स्लैब्स, चिप्स, बटन्स, बार्स, स्प्रेड्स और कोको पाउडर, कोको मास तथा कोको बटर जैसे कोको-बाय-प्रोडक्ट्स शामिल हैं।
शुरुआत से ही BYOND का फोकस केवल प्रोडक्ट्स तक सीमित नहीं रहा। कंपनी कोको, प्रोसेस और परफॉर्मेंस को गहराई से समझने पर काम करती है—सोर्सिंग और प्रोसेसिंग से लेकर इस बात तक कि प्रोफेशनल किचन में चॉकलेट किस तरह व्यवहार करती है। यही फोकस ब्रांड को ऐसे इंग्रीडिएंट्स तैयार करने में मदद करता है जो कंसिस्टेंसी, रिलायबिलिटी और प्रीमियम परफॉर्मेंस दें, खासकर भारत में शेफ्स, बेकर्स और चॉकलेटियर्स के सामने आने वाली विशिष्ट ऑपरेटिंग कंडीशंस में।
बेहतर स्टैंडर्ड्स की तलाश
Sirish के लिए BYOND बनाने की शुरुआत चॉकलेट की भूमिका को लेकर एक सरल विश्वास से हुई। वह कहते हैं, “प्रेरणा एक बुनियादी मानवीय सच्चाई से आई: इंडल्जेंस हर इंसान की जरूरत है। खुशी, सेलिब्रेशन और कम्फर्ट सभी एक मीठे स्वाद से जुड़े हैं, जिससे चॉकलेट हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन जाती है।”
इसी दौरान वह भारतीय चॉकलेट इंडस्ट्री में हो रहे बदलाव को भी देख रहे थे। कंज्यूमर्स पारंपरिक मिठाइयों के बजाय तेजी से अधिक सोफिस्टिकेटेड विकल्प तलाश रहे थे और गिफ्टिंग तथा पर्सनल इंडल्जेंस के लिए प्रीमियम चॉकलेट की ओर बढ़ रहे थे। Sirish के लिए यह ऐसी ब्रांड बनाने का अवसर था जो क्वालिटी, ईमानदार सोर्सिंग और ट्रस्ट को एक साथ ला सके।
लेकिन इस बदलाव ने एक दूसरी चुनौती भी सामने रखी। कंज्यूमर इंटरेस्ट बढ़ने के बावजूद भारतीय चॉकलेट के प्रोडक्शन और मार्केटिंग में ईमानदार सोर्सिंग और इंग्रीडिएंट इंटेग्रिटी का महत्व अभी भी सीमित था। कई कमर्शियल प्रोडक्ट्स फिलर्स, हाइड्रोजेनेटेड वेजिटेबल फैट्स और अत्यधिक शुगर पर निर्भर थे, जबकि कोको कहाँ से आया और उसे किस तरह प्रोसेस किया गया, इसकी कहानी अक्सर सामने ही नहीं आती थी।
इस गैप को पहचानते हुए Sirish ने BYOND की स्थापना एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ की—इंग्रीडिएंट ऑनेस्टी को बढ़ावा देना और इस कैटेगरी में ऊँचे स्टैंडर्ड्स स्थापित करना।
वह कहते हैं, “मैं इस नैरेटिव को बदलना चाहता था, क्योंकि अगर इंडियन कोको और इंडियन चॉकलेट को भारत में और दुनिया के मंच पर गंभीरता से लिया जाना है, तो इस इंडस्ट्री को बनाने वाले मैन्युफैक्चरर्स को सबसे पहले खुद को ऊँचे स्टैंडर्ड्स पर रखना होगा। हमारे क्रिएटर्स, हमारे कंज्यूमर्स और इस ओरिजिन को इससे कम कुछ नहीं मिलना चाहिए।”
यही विश्वास BYOND की नींव बना। कंपनी के तीन प्रमुख मूल्य हैं—इंटेग्रिटी, क्वालिटी ऑब्सेशन और कस्टमर एम्पावरमेंट। इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर BYOND शेफ्स, बेकर्स और क्रिएटर्स को ऐसी क्वालिटी और कंसिस्टेंट परफॉर्मेंस देने का प्रयास करता है, जिसमें कोई समझौता न हो। साथ ही, ब्रांड इंटेग्रिटी, इनोवेशन और इमैजिनेशन पर आधारित पहचान बनाने की दिशा में काम करता है।
इसके पीछे एक बड़ा विज़न भी है—भारत की ग्लोबल चॉकलेट लैंडस्केप में जगह को नए तरीके से परिभाषित करना और ऐसे इंग्रीडिएंट्स तैयार करना जो सीमाओं, पारंपरिक सोच और समय से आगे जाकर क्रिएशंस को इंस्पायर करें।
इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स को नए सिरे से परिभाषित करना
एक अत्यधिक कॉम्पिटिटिव मार्केट में प्रीमियम ब्रांड बनाना आसान नहीं था। ऐसे मार्केट में प्रवेश करना जहाँ लो-कॉस्ट अल्टरनेटिव्स पहले से ही लोकप्रिय और कंज्यूमर्स के लिए परिचित थे, BYOND के लिए एक बड़ी चुनौती थी।
Sirish बताते हैं, “हमारी सबसे बड़ी चुनौती चॉकलेट प्रोडक्ट्स के उन ‘इकॉनॉमिकल वर्ज़न्स’ से मुकाबला करना रही है, जो कॉस्ट कम करने के लिए सस्ते पाम ऑयल्स और इनफीरियर सब्स्टीट्यूट्स पर निर्भर करते हैं और सच कहें तो कंज्यूमर को यह गलत समझ देते हैं कि असली चॉकलेट का स्वाद कैसा होता है।”
ऐसे प्रोडक्ट्स के आदी कंज्यूमर्स को बेहतर इंग्रीडिएंट्स के महत्व के बारे में समझाना और साथ ही क्वालिटी तथा सोर्सिंग इंटेग्रिटी से कोई समझौता न करना आसान नहीं था। इसके साथ कंपनी को अपनी uncompromised इंग्रीडिएंट फिलॉसफी को एक सस्टेनेबल बिज़नेस मॉडल के साथ संतुलित करना था।
Sirish कहते हैं, “हमने इसे कठोर ऑपरेशनल एफिशिएंसी, फार्म्स से डायरेक्ट सोर्सिंग के जरिए मिडिलमैन कॉस्ट कम करके और कंज्यूमर एजुकेशन के प्रति लगातार प्रतिबद्ध रहकर संभाला। हमने साबित किया कि बिज़नेस में ईमानदारी प्रॉफिटेबल हो सकती है।”
आज भी BYOND के अप्रोच को ऑनेस्ट क्राफ्ट परिभाषित करता है। एक होमग्रोन, इंडस्ट्रियल स्केल पर तैयार किए गए बीन-टू-बार ऑपरेशन के रूप में कंपनी कठोर सोर्सिंग और प्रोसेस इंटेग्रिटी के जरिए खुद को अलग करती है। इंग्रीडिएंट्स और उनके ओरिजिन को ब्रांड की पहचान के केंद्र में रखा जाता है, न कि बाद में जोड़ी जाने वाली जानकारी के रूप में।
इसके साथ BYOND प्रोडक्ट एप्लीकेशंस में इनोवेशन और क्युलिनरी कम्युनिटी के लिए टेक्निकल सपोर्ट के जरिए भी अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
कंपनी का उद्देश्य केवल चॉकलेट इंग्रीडिएंट्स सप्लाई करना नहीं है। वह शेफ्स, बेकर्स, चॉकलेटियर्स और फूड बिज़नेसेज़ के साथ लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप्स बनाना चाहती है, ताकि वे अपनी क्रिएशंस में लगातार एक जैसी क्वालिटी और परफॉर्मेंस हासिल कर सकें।
ग्रोथ की असली पहचान
BYOND के लिए सफलता केवल रेवेन्यू ग्रोथ और मार्केट एक्सपैंशन तक सीमित नहीं है। लगातार और प्रॉफिटेबल ग्रोथ महत्वपूर्ण है, लेकिन Sirish के अनुसार वास्तविक सफलता इस बात में है कि लोग चॉकलेट और क्वालिटी के बारे में किस तरह सोचते हैं, इसे प्रभावित किया जाए।
उनके अनुसार सफलता तब मिलती है जब कंज्यूमर्स इस बात को लेकर अधिक जागरूक हों कि वे क्या खरीद रहे हैं और प्रोफेशनल्स ऐसे इंग्रीडिएंट्स को चुनें जो उनकी क्रिएशंस को बेहतर बनाएँ। कंपनी के लिए वास्तविक प्रोग्रेस का पैमाना वह क्वालिटी स्टैंडर्ड है जिसे वह पूरी इंडस्ट्री में स्थापित करने में मदद करती है।
ब्रांड की तेज़ ग्रोथ अब तक की उसकी सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक रही है। अपेक्षाकृत कम समय में BYOND एक उभरते हुए प्लेयर से प्रोफेशनल क्रिएटर्स के बीच पहचाने जाने वाले नाम में बदल गया। Aahar Exhibition में भागीदारी एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन रही, जिसने कंपनी की मार्केट प्रेज़ेंस को मजबूत किया और सेल्स ग्रोथ में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस सफर को याद करते हुए Sirish कहते हैं, “इस यात्रा ने मुझे सिखाया कि जब आपका कोर प्रोडक्ट स्वाभाविक रूप से बेहतर हो और आपकी टीम क्वालिटी को लेकर एकजुट हो, तो मार्केट एडॉप्शन बहुत तेजी से बढ़ता है। वास्तविक लीडरशिप का अर्थ है तेज़ ग्रोथ के दबाव में भी क्वालिटी से समझौता न करना।”
बिज़नेस माइलस्टोन्स महत्वपूर्ण हैं, लेकिन BYOND के लिए कुछ सबसे अर्थपूर्ण रिकग्निशन सीधे क्युलिनरी कम्युनिटी से मिले हैं। पेस्ट्री शेफ्स, इंडिपेंडेंट बेकर्स और चॉकलेटियर्स ने कंपनी के प्रोडक्ट्स को अपनाया और उन्हें अपनी क्रिएशंस का हिस्सा बनाया। रोज़ चॉकलेट के साथ काम करने वाले प्रोफेशनल्स का यह ट्रस्ट BYOND के लिए रिकग्निशन भी है और मोटिवेशन भी। यह कंपनी की क्वालिटी, कंसिस्टेंसी और क्राफ्ट के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
यही फिलॉसफी कंपनी की इंटरनल कल्चर में भी दिखाई देती है। BYOND ऐसे लोगों को जोड़ने की कोशिश करता है जो क्राफ्ट के प्रति पैशनेट हों और उसके विज़न से जुड़े हों। कंपनी मानती है कि मीनिंगफुल काम केवल टार्गेट्स से नहीं चल सकता। शेयर्ड माइलस्टोन्स को सेलिब्रेट करना, टीम्स के भीतर क्रिएटिविटी को बढ़ावा देना और एम्प्लॉइज़ को इनोवेट करने की स्वतंत्रता देना एक ऐसे एनवायरनमेंट को बनाने में मदद करता है जहाँ लोग कंपनी के बड़े मिशन से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करें।
Sirish के शब्दों में, “जब लोगों को लगता है कि वे किसी बड़ी चीज़ का हिस्सा हैं—भारतीय चॉकलेट के लिए एक होमग्रोन स्टैंडर्ड तैयार करने का हिस्सा—तो मोटिवेशन स्वाभाविक रूप से आता है।”
फ्यूचर के लिए तैयारी
Sirish का मानना है कि भारतीय फूड इंडस्ट्री का भविष्य प्रीमियम और पर्पज़फुल इंडल्जेंस में है—ऐसे प्रोडक्ट्स जिनकी नींव वास्तविक क्राफ्ट और ओरिजिन पर हो। जैसे-जैसे कंज्यूमर्स अधिक डिसर्निंग होते जा रहे हैं, वह लो-ग्रेड सब्स्टीट्यूट्स से हटकर ऐसे इंग्रीडिएंट्स की ओर धीरे-धीरे बढ़ता बाजार देखते हैं जिनके पीछे एक ईमानदार और ट्रेसेबल कहानी हो।
वह कहते हैं, “भारतीय चॉकलेट का भविष्य उन क्रिएटर्स द्वारा लिखा जा रहा है जो अपने कोको को समझते हैं—वह कहाँ से आता है, किस तरह प्रोसेस होता है और उसमें क्या संभावनाएँ हैं। लो-ग्रेड सब्स्टीट्यूट्स के उस स्पेस पर कब्जा बनाए रखने का दौर अब खत्म होने की ओर है।”
BYOND के लिए यह फ्यूचर उसी फिलॉसफी से जुड़ा है जिस पर कंपनी की शुरुआत हुई थी। बीन-टू-बार ब्रांड के रूप में कृषि सप्लाई चेन से गहराई से जुड़ी कंपनी अपनी कहानी को फार्म्स से फिनिश्ड प्रोडक्ट्स तक ट्रेस करती है। कंपनी का मानना है कि चॉकलेट को केवल एक कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट के रूप में नहीं, बल्कि इंग्रीडिएंट्स, ओरिजिन और क्राफ्ट से तैयार होने वाली एक समृद्ध संस्कृति के रूप में देखा जाना चाहिए—कुछ उसी तरह जैसे फाइन वाइन या कॉफी को समझा जाता है।
Sirish कहते हैं, “हम इस फ्यूचर में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, क्योंकि हमारी नींव उन्हीं चीज़ों पर बनी है जिनकी कल का कंज्यूमर मांग करेगा—ऑनेस्ट सोर्सिंग, बीन-टू-बार ट्रेसेबिलिटी और इंग्रीडिएंट क्वालिटी से कोई समझौता न करना।”
बदलती मार्केट एक्सपेक्टेशंस के साथ आगे रहने के लिए BYOND ग्लोबल पेस्ट्री ट्रेंड्स पर लगातार नज़र रखता है, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ संवाद बनाए रखता है और बदलती कंज्यूमर प्रेफरेंसेज़ तथा हेल्थ बिहेवियर्स का अध्ययन करता है। बदलाव का इंतज़ार करने के बजाय कंपनी कंटीन्यूअस प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इनोवेशन के जरिए पहले से तैयारी करने पर ध्यान देती है।
आज कंपनी के प्रमुख फोकस एरियाज़ में से एक कोको ओरिजिन और इंग्रीडिएंट एजुकेशन के आसपास अपनी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को बढ़ाना है। इसमें इंडस्ट्रियल बेकर्स के साथ डीप-डाइव वर्कशॉप्स, सोर्सिंग-लेड कंटेंट इनिशिएटिव्स और डिजिटल कैंपेन शामिल हैं, जो इंडियन कोको की कहानी—उसके ग्रोइंग रीजन, प्रोसेसिंग जर्नी और ग्लोबल स्टेज पर उसकी संभावनाओं—को सामने लाते हैं।
क्युलिनरी इन्फ्लुएंसर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ कोलैबोरेशन के जरिए BYOND दुनिया भर में इंडियन कोको की प्रोफाइल को मजबूत करने और क्रिएटर कम्युनिटी के भीतर वास्तविक रूप से तैयार की गई चॉकलेट की संभावनाओं को लेकर समझ बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
लीडरशिप मंत्र
एस्पायरिंग एंटरप्रेन्योर्स के लिए Sirish का संदेश पर्पज़ की क्लैरिटी और क्वालिटी के प्रति अडिग कमिटमेंट पर आधारित है।
वह कहते हैं, “मेरी सलाह सरल है: अपने क्राफ्ट में बिना किसी झिझक के ईमानदार रहें। सही प्रोडक्ट को सही स्वाद के साथ डिलीवर करें और शॉर्ट-टर्म मार्जिन के लिए अपने कोर इंग्रीडिएंट्स से कभी समझौता न करें। अपने यूनिक सेलिंग प्रपोज़िशन (USP) को शुरुआत में ही स्पष्ट करें, खुद को उसी से जोड़कर रखें और जो आप कर रहे हैं उस पर पूरी, अडिग आस्था रखें।”
