रोहिणी, दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026: ‘अविरल’—अर्थात निरंतर और कभी न रुकने वाली भावना, तितिक्षा पब्लिक स्कूल ने पूरे अक्तूबर माह में इसी थीम पर आधारित ‘वार्षिक खेल प्रतियोगिता 2026-27’ का आयोजन किया। इसका समापन 31 अक्टूबर को एक भव्य सम्मान समारोह के साथ हुआ। बाल वाटिका एक से लेकर कक्षा बारहवीं तक के छात्रों ने ऐसी गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिनसे खेल प्रतिभा, दृढ़ता, टीम वर्क और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलता है।
तितिक्षा पब्लिक स्कूल के पूर्व छात्र और ‘इंडियाज़ लाफ्टर चैंपियन’ के विजेता, ‘रजत सूद’ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर चेयरपर्सन सुश्री ऋतंभरा चौहान, मैनेजर डॉ. अरुण कुमार भाटिया, स्कूल प्रमुख सुश्री राधिका पाहवा, उप-प्रधानाचार्य सुश्री रश्मि छाबड़ा, प्रशासन प्रमुख श्रीमती कविता डुडेजा, खेल विभाग की प्रमुख श्रीमती इंदु चावला और पीटीए (PTA) सदस्य उपस्थित थे। स्कूल प्रशासन के सदस्यों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने भी इस उत्सव में भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल बैंड की प्रस्तुति और मार्च पास्ट से हुई, जो अनुशासन और टीम भावना को वर्षों से दिखाते आ रहे हैं। इसके बाद ‘टॉर्च सेरेमनी’ (मशाल समारोह) हुई, जो खेल भावना और निष्पक्ष खेल का प्रतीक है। मुख्य अतिथि और स्कूल के शीर्ष नेतृत्व द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ ही उत्सव की औपचारिक शुरुआत हुई, जबकि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण गणेश वंदना ने कार्यक्रम में एक सुंदर आध्यात्मिक रंग भर दिया।
खेल गतिविधियों का उद्देश्य फिटनेस, फुर्ती, आपसी तालमेल, संतुलन और आत्मविश्वास को विकसित करना था। प्राइमरी विद्यार्थियों के लिए कमांडो रेस, ब्रिज एक्सप्रेस रिले, बॉल कलेक्शन रेस, टेडी बियर रेस, हूपला हाईवे रेस और ‘पावर ऑफ यूनिटी’ रेस जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। वहीं, मिडिल ग्रेड के विद्यार्थियों ने ऑब्सटेकल रेस (बाधा दौड़), कोन हर्डल रेस और पिरामिड बैलेंस रेस में भाग लिया, जिसमें उन्होंने आपसी तालमेल और टीम वर्क का शानदार प्रदर्शन किया।
इस समारोह का मुख्य आकर्षण ‘रजत सूद’ का संबोधन और स्टैंड-अप कॉमेडी परफॉरमेंस रही, जिसने माहौल को हँसी-खुशी और गर्मजोशी से भर दिया।
हार-जीत से परे, हर प्रतिभागी के साहस और खेल भावना को सम्मानित करते हुए सभी छात्रों को सहभागिता पदक दिए गए, साथ ही शीर्ष तीन विजेताओं को क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक से पुरस्कृत किया गया।
‘अविरल’ उत्सव में स्कूल की उस ‘विरासत’ की झलक दिखी, जो हर बच्चे को चुनौतियों का सामना करने और हमेशा आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करती है।












